"चाँद पर सुरक्षित लैंडिंग के लिए ISRO ने ‘मॉन्स माउटन’ के पास चुनी सबसे सुरक्षित जगह"

नई दिल्ली| भारत के अंतरिक्ष विभाग ISRO ने अपने अगले बड़े चंद्रयान मिशन 'चंद्रयान-4' के लिए चाँद की सतह पर लैंडिंग का सबसे सुरक्षित और अनुकूल स्थान खोज लिया है। वैज्ञानिकों ने चाँद के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास मॉन्स माउटन नामक पहाड़ी इलाके के आसपास की तस्वीरों और डेटा का गहराई से अध्ययन किया और यह पाया कि इस इलाके में एक छोटा-सा भाग है जहाँ लैंडिंग के समय यान को कम जोखिम का सामना करना पड़ेगा।

 

इस अध्ययन में चाँद की सतह की ऊँचाई, ढलान, बड़े पत्थरों और गड्ढों की संख्या जैसी कई चीज़ों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। और उसके साथ वैज्ञानिकों ने चार संभावित क्षेत्रों में से एक जगह को चुना है जिसे MM-4 कहा जा रहा है। इस जगह की सतह अन्य जगह से सपाट है, वहाँ छोटे-मोटे पत्थर कम हैं और सूर्य की रोशनी भी अच्छी तरह मिलती है। यही वजह है कि यह जगह सुरक्षित लैंडिंग के लिए सबसे बेहतर माना जा रहा है।

 

चंद्रयान-4 मिशन भारत के लिए बहुत खास है क्योंकि इसमें चाँद से मिट्टी और चट्टानों के नमूने इकट्ठा करके उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने की कोशिश की जाएगी। एक सफल लैंडिंग ही इस मिशन की सफलता की शुरुआत है, और यही कारण है कि सही जगह का चयन करना ISRO के वैज्ञानिकों के लिए सबसे जरूरी काम रहा है।

 

इस खोज से न सिर्फ भारत का चंद्र मिशन और मजबूत हुआ है, बल्कि चाँद के इस कठोर और रहस्यमयी इलाके के बारे में भी वैज्ञानिकों को नई जानकारियाँ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। 

 

यह पहला मिशन होगा जहाँ भारत लूनर सैंपल-रिटर्न यानी चंद्रमा से सैंपल लेकर वापस आएगा — एक तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण कार्य, जो विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में देश का नाम वैश्विक सूची में ऊँचा करेगा।

 

क्या है ‘मॉन्स माउटन’? 

मॉन्स माउटन चाँद के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास स्थित एक पहाड़ी संरचना है। “मॉन्स” लैटिन भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है - पर्वत या पहाड़। यानी मॉन्स माउटन का मतलब है 'माउटन नाम का पहाड़'।

 

यह इलाका चाँद के उस क्षेत्र में आता है जहाँ सतह बहुत ऊबड़-खाबड़, गड्ढों से भरी और ढलानदार है। दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र वैज्ञानिकों के लिए खास इसलिए है क्योंकि यहाँ कुछ जगहों पर सूर्य की रोशनी सीमित समय के लिए मिलती है और कुछ स्थायी छाया वाले क्षेत्र भी हैं, जहाँ पानी की बर्फ होने की संभावना मानी जाती है।

 

मॉन्स माउटन के आसपास का क्षेत्र अपेक्षाकृत ऊँचाई पर स्थित है और यहाँ की भौगोलिक बनावट का अध्ययन अंतरिक्ष एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण है। हाल ही में ISRO ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए इसी इलाके के पास एक सुरक्षित लैंडिंग ज़ोन की पहचान की है, क्योंकि यहाँ कुछ हिस्से ऐसे हैं जहाँ ढलान कम है और बड़े पत्थर अन्य जगह से कम हैं।